महेंद्रनगर से दिल्ली-देहरादून बस सेवा ठप, हजारों यात्री फंसे, इलाज और कामकाज के लिए नेपाल से आने वालों की संख्या घटी

नेपाल में लगातार बिगड़ते हालात का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी गहराई से महसूस किया जा रहा है। महेंद्रनगर से दिल्ली और देहरादून तक चलने वाली भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा मंगलवार से बंद कर दी गई है। इस फैसले से सीमावर्ती नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमा बंद होने से दोनों देशों के बीच नागरिकों की आवाजाही ठप हो गई है। इसका सीधा असर व्यापार पर देखने को मिल रहा है। खटीमा में नेपाल से लोग कपड़े और अन्य सामान खरीदने आते थे, लेकिन उनकी संख्या काफी कम हो गई है। वहीं, बनबसा के व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां किराना, कपड़े और हार्डवेयर की दुकानों की बिक्री पर गहरा असर पड़ा है।
नेपाल से रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए खटीमा के अस्पतालों में आते थे, मगर हालात बिगड़ने के बाद मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है। खटीमा से महेंद्रनगर में दुकान चलाने वाले कई लोग भी सीमा पार नहीं जा पा रहे हैं। यही नहीं, देहरादून, नैनीताल, मसूरी सहित हिल स्टेशनों पर काम करने वाले नेपाली मजदूर भी फंसे हुए हैं। दिल्ली से नेपाल लौटने वाले नागरिकों को भी अब सीमा पर रुकना पड़ रहा है।
इस बीच, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। 57वीं वाहिनी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार विशेष तलाशी अभियान शुरू कर दिए हैं। इन अभियानों का नेतृत्व क्षेत्रक मुख्यालय पीलीभीत के उप-महानिरीक्षक अनिल कुमार शर्मा और 57वीं वाहिनी के कमांडेंट मनोहर लाल कर रहे हैं। मेलाघाट क्षेत्र में उत्तराखंड पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त भी बढ़ा दी गई है।
एसएसबी का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपराधिक, तस्करी से जुड़ी या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। सभी चौकियों पर आवागमन की कड़ी निगरानी की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जवान चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।
कमांडेंट मनोहर लाल ने कहा कि सीमा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसएसबी पूरी निष्ठा और पेशेवर दक्षता के साथ काम कर रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल के साथ मिलकर चलाए जा रहे अभियान से सुरक्षा तंत्र और अधिक प्रभावशाली हुआ है। भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयास जारी रहेंगे ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
