February 16, 2026

अल्मोड़ा के शहीद का पार्थिव शरीर 38 साल बाद मिला

Spread the love

हल्द्वानी । भारत और पाकिस्तान के बीच सियाचिन के लिए 38 साल पहले लड़े गए युद्ध में 19 कुमाऊँ रेजीमेंट के 1 शहीद सैनिक का शव सियाचिन की बर्फीली कराओ में मिला है । सेना की ओर से यह सूचना परिजनों को दी गई है। मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के हाथीगुर बिंता  द्वाराहाट गांव के निवासी चंद्रशेखर हर्बोला 19  रेजीमेंट में लांस नायक थे। वे 1975 में सेना में भर्ती हुए थे। 1984 में भारत और पाकिस्तान के मध्य सियाचिन के लिए युद्ध लड़ा गया था। भारत ने इस मिशन का नाम ऑपरेशन मेघदूत रखा था। मई 1984 में सियाचिन में पेट्रोलिंग के लिए 20 सैनिकों की टुकड़ी भेजी गई थी। इसमें लांस नायक चंद्रशेखर हरबोला भी थे। सभी सैनिक सियाचिन में टूटे ग्लेशियर की चपेट में आ गए। इन्हें ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो 15 सैनिकों के शव मिल गए। पर बाकी पांच का पता नहीं चला। रविवार को रानीखेत स्थित सैनिक ग्रुप केंद्र की ओर से शहीद चंद्रशेखर बुला के परिजनों को सूचना भेजी गई उनका शव सियाचिन में मिला है। उसके साथ एक और सैनिक का शव मिलने की सूचना है। यह सुनते ही परिवार में उनकी यादें फिर ताजा हो गई। उनकी वीरांगना शांति देवी इस समय हल्द्वानी में धान मिल के पास सरस्वती विहार कॉलोनी में रहती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *