February 16, 2026

सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: एसआईटी ने हल्द्वानी होटल का किया निरीक्षण, FIR काठगोदाम ट्रांसफर, परिजनों से संपर्क पर रोक

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काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) शनिवार 17 जनवरी को हल्द्वानी पहुंची। एसआईटी ने उस होटल का निरीक्षण किया, जहां 10 जनवरी की रात सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की थी। टीम ने होटल में घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगालते हुए प्रारंभिक जानकारियां जुटाईं।

इस दौरान कुमाऊं आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने मीडिया को बताया कि मामले की निष्पक्ष और दबावमुक्त जांच सुनिश्चित करने के लिए काशीपुर के आईटीआई थाने में दर्ज एफआईआर को अब काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब इस केस की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

आईजी नीलेश आनंद भरणे ने यह भी निर्देश दिए हैं कि उधम सिंह नगर पुलिस मृतक सुखवंत सिंह के परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क या बातचीत नहीं करेगी। साथ ही मृतक के घर पर पहले से तैनात उधम सिंह नगर पुलिस की सुरक्षा हटा दी गई है। अब परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी अन्य जिले की पुलिस फोर्स को सौंपी जाएगी, ताकि परिजनों पर किसी भी तरह का दबाव न बने।

उन्होंने बताया कि एसआईटी की टीम रविवार को काशीपुर स्थित सुखवंत सिंह के घर जाएगी और परिजनों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में नजर आ रहे सभी पुलिसकर्मियों के बयान भी लिए जाएंगे। वीडियो में सामने आए हर पहलू की तकनीकी और कानूनी जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने जमीन खरीद के नाम पर करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। वीडियो में उसने यह भी कहा था कि शिकायत करने पर पुलिस ने मदद करने के बजाय उसे डराया और धमकाया। वीडियो सामने आने के बाद आईटीआई थाने के प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। सभी 12 पुलिसकर्मियों का कुमाऊं से गढ़वाल रेंज में तबादला कर दिया गया है।

सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, हालांकि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। मामले में मजिस्ट्रेट जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है। अब आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय नई एसआईटी इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

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