विधायक शिव अरोरा का मास्टर प्लान सुधार मिशन: काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण को नई रफ्तार, मानचित्र अनिवार्यता में ढील से भूरारानी-बिगवाड़ा के हजारों परिवारों को बड़ी राहत

रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने मंगलवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण और नगर निगम में शामिल गांवों की मानचित्र संबंधी समस्या पर दो बड़े निर्णयों की जानकारी दी।
विधायक अरोरा ने बताया कि काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण का कार्य लंबे समय से लंबित है, जबकि इस मार्ग पर जाम की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि बाईपास चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन मास्टर प्लान में प्रस्तावित 75-75 फिट चौड़ाई व्यापारिक दृष्टि से व्यवहारिक नहीं थी और इससे व्यापारियों को भारी नुकसान होने की आशंका थी।
इसी को देखते हुए उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन को लिखित प्रस्ताव देकर मार्ग की चौड़ाई 75-75 फिट के स्थान पर 60-60 फिट करने का अनुरोध किया। विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और इसे अगली बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल कर लिया गया है। अरोरा ने कहा कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण का कार्य बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
प्रेसवार्ता में विधायक अरोरा ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी बात रखी। उन्होंने बताया कि 2018 में नगर निगम रुद्रपुर में शामिल हुए कई गांवों के पास अपना भू-स्वामित्व नहीं है। ऐसे में प्राधिकरण के नियमों के तहत वे मानचित्र पास कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कुमाऊं कमिश्नर एवं जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया है कि ऐसे गांवों को मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को भी आगामी बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया है।
अरोरा ने कहा कि इन दोनों महत्वपूर्ण प्रस्तावों के लागू होते ही जनता को बड़ी राहत मिलेगी। काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण से जहां घंटों लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा, वहीं मानचित्र अनिवार्यता में ढील मिलने से भूरारानी, बिगवाड़ा सहित कई क्षेत्रों के हजारों परिवार अपने निर्माण कार्य आसानी से करा सकेंगे।
