उत्तराखंड वन विभाग को कैंपा के तहत 235.30 करोड़ रुपए का बजट, वृक्षारोपण और वन्यजीव प्रबंधन पर होगा खर्च…

उत्तराखंड के जंगलों को नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कैंपा योजना के तहत उत्तराखंड वन विभाग को करोड़ों रुपये का बजट मिलने जा रहा है। इस बजट का इस्तेमाल क्षतिपूरक वनीकरण, जलागम क्षेत्र उपचार, वनाग्नि रोकथाम और वन्यजीव प्रबंधन जैसी अहम परियोजनाओं में किया जाएगा।
उत्तराखंड वन विभाग को कैंपा (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) योजना के तहत प्रथम चरण में 235.30 करोड़ रुपये का बजट मिलने वाला है। वन विभाग ने शासन को कुल 439.50 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से पहले चरण में यह राशि जारी की जा रही है।
इस बजट में 72 करोड़ रुपये फॉरेस्ट नर्सरी और वृक्षारोपण के लिए आवंटित किए जाएंगे। वर्ष 2025 में 1600 हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया गया है, वहीं अगले वर्ष 1500 हेक्टेयर क्षेत्र को हराभरा बनाने की योजना है।
वहीं, जलागम क्षेत्र में उपचार के लिए कैचमेंट प्लान के तहत 55 करोड़ रुपये जारी होंगे। इसमें सात प्रमुख परियोजनाओं — लोहारी नागपाला, जमरानी, व्यासी, नैटवाड़-मोरी, सौंग, खुटानी और लखवाड़ — के आसपास के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा।
वन विभाग को वनाग्नि नियंत्रण के लिए भी 12 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी, जिससे गर्मियों में लगने वाली जंगल की आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, इंटीग्रेटेड वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट प्लान के लिए भी 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उत्तराखंड में वनों की रक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए यह बजट एक महत्वपूर्ण पहल है। उम्मीद की जा रही है कि इससे न सिर्फ पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
