February 16, 2026

नकली सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़, विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के 1250 नकली कट्टे बरामद

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रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने काशीपुर क्षेत्र में नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ व काशीपुर पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में नकली सीमेंट फैक्ट्री पकड़ी गई। पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों की 1250 बोरियां सीमेंट बरामद किया। सीमेंट से भरे दो ट्रक भी मौके पर सीज किए गए। पुलिस के अनुसार ब्रांडेड कंपनी की बोरियों में नकली सीमेंट भरा जा रहा था। अल्ट्राटेक, एसीसी, बांगर व मॉयसेम के नाम से नकली सीमेंट बाजार में बिक रहा था।

उत्तराखंड राज्य में बढ़ते नकली सामान/उत्पादों के निर्माण व तस्करी की रोकथाम हेतु राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के दिशा निर्देशन पर एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल द्वारा कार्यवाही के आदेश के क्रम में सीओ एसटीएफ कुमाऊँ सुमित पांडे द्वारा गठित उत्तराखंड एसटीएफ व कोतवाली काशीपुर पुलिस द्वारा एक ज्वांइट ऑप्रेशन के तहत कार्यवाही करते हुए आज तड़के काशीपुर क्षेत्र से एक नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री में छापेमारी कर एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई तथा फैक्ट्री से अलग-अलग ब्रांडों की 1250 सीमेंट से भरी बोरियां, 1200 खाली कट्टे तथा नकली सीमेंट बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।

उत्तराखंड एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली की काशीपुर क्षेत्र में चोरी छुपे एक नकली सीमेंट की फैक्ट्री संचालित की जा रही है जिस पर टीम के द्वारा अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रतिनिधियों व कोतवाली काशीपुर पुलिस को साथ लेकर को साथ लेकर काशीपुर के टांडा उज्जैन क्षेत्र में एक बड़े गोदाम में रेड की गई। जहां पर एक नकली सीमेंट की फैक्ट्री संचालित होती पाई गई फैक्ट्री परिसर से दो ट्रक नकली सीमेंट से भरे हुए तथा फैक्ट्री के अंदर से भारी मात्रा में अलग-अलग ब्रांडो का नकली सीमेंट व खाली कट्टे तथा नकली सीमेंट बनाने के उपकरण बरामद हुए मौके से एक व्यक्ति कमल सागर को गिरफ्तार किया गया। द्वारा पूछताछ में बताया गया कि इस फैक्ट्री का असली मालिक वसीम पुत्र मेहंदी हसन निवासी पत्थर खेड़ा थाना भोट जिला रामपुर है और वह वसीम का मुंशी है जो यहां का काम देखता है। मौके पर आई अल्ट्राटेक सीमेंट के अधिकारी संजय शर्मा द्वारा फैक्ट्री का अवलोकन कर बताया कि जिन कट्टों में हमारी कंपनी अल्ट्राटेक का नाम अंकित है वह कट्टे डुप्लीकेट तरीके से छपवाए गए हैं। इन कट्टों में जो बैच नंबर व एमआरपी अंकित है वह स्पष्ट नहीं है और भिन्न है जबकि हमारी कंपनी के जो कट्ठे होते हैं उनके बैच नंबर वह एमआरपी स्पष्ट पढ़ने में आते हैं। हमारी कंपनी के कट्टों में बैच नंबर व एमआरपी लेजर डॉटेड तरीके से कट्टों में अंकित कराया जाता है। एसटीएफ की इस कार्रवाई में मुख्य आरक्षी जगपाल सिंह की विशेष भूमिका रही।

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