February 16, 2026

आरोपों से घिरे विधायक पांडे का पलटवार, सीएम को पत्र सौंप कहा—जिस जमीन पर सवाल है, प्रशासन तुरंत बुजुर्ग महिला को कब्जा दिलाए।

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गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे पर लगे जमीन हड़पने के आरोपों के बीच शुक्रवार को मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया। विधायक स्वयं उप जिलाधिकारी न्यायालय पहुंचे और एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पत्र सौंपा। इस कदम के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
एसडीएम को दिए गए पत्र में अरविंद पांडे ने लिखा है कि वह भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और उन पर लगाए जाने वाले आरोपों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुजुर्ग महिला परमजीत कौर और उनके पुत्र कुछ षड्यंत्रकारियों के सहयोग से बीते कई वर्षों से उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगा रहे हैं। पत्र में विधायक ने स्पष्ट रूप से लिखा कि जिस भूमि को लेकर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, प्रशासन तत्काल प्रभाव से उस पूरी जमीन का कब्जा बुजुर्ग महिला परमजीत कौर को दिला दे, उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
पत्र सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में अरविंद पांडे ने कहा कि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन को तुरंत निर्देश दिए जाएं, ताकि बुजुर्ग महिला को उसकी जमीन मिल सके। विधायक ने आरोप लगाया कि हर चुनाव के समय कुछ लोग उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने पुलिस के कुछ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। विधायक का कहना था कि हाल ही में वायरल हुए वीडियो को पुलिस अधिकारियों ने प्रदेश के कोने-कोने तक इस तरह पहुंचाया, मानो वह खुद एक विलेन हों और लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हों। उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास है।
अरविंद पांडे ने कहा कि वह खाकी का सम्मान करते हैं, लेकिन खाकी के भीतर छिपे कुछ “शैतान तत्वों” को लेकर उन्हें चिंता नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार के सहारे उन्हें दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी और समय आने पर ऐसे लोग बेनकाब होंगे।
गौरतलब है कि ग्राम बिजपुरी निवासी बुजुर्ग महिला परमजीत कौर और उनके पुत्र पिछले कुछ समय से विधायक अरविंद पांडे और उनके भाई अमर पांडे पर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था और अब विधायक के इस कदम के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और जांच को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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