February 16, 2026

कुमाऊं में बड़ी साइबर ठगी का खुलासा: निवेश के नाम पर कारोबारी से 64.72 लाख रुपये उड़ाए, फर्जी मैनेजर और व्हाट्सऐप ग्रुप का सहारा

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कुमाऊं परिक्षेत्र के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर में एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति से निवेश का झांसा देकर 64 लाख 72 हजार 518 रुपये की भारी-भरकम ठगी कर ली गई। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की तहरीर पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

कुमाऊं के रुद्रपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक ऐसी सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसने फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन निवेश ठगी किस तेजी से लोगों को निशाना बना रही है। काशीपुर निवासी गौरव चौधरी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके साथ कुल 64,72,518 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई है।

 

तहरीर के अनुसार, 6 अक्टूबर 2025 को complainant के मोबाइल नंबर पर “BULL STOCK CHARGER” नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में एक लिंक भेजकर उन्हें जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट से संबंधित स्टॉक टिप्स और ट्रेनिंग दी जाती थी। गौरव पहले से स्टॉक मार्केट में निवेश करते थे, इसलिए उन्होंने ग्रुप की गतिविधियों पर करीब एक माह तक नजर रखी। इस दौरान ग्रुप में शेयर किए गए कुछ स्टॉक्स से उन्हें मुनाफा भी हुआ, जिससे उनका ग्रुप पर भरोसा मजबूत हुआ।

 

इसी बीच उनके मोबाइल पर +91 89687358030 नंबर से एक ऑडियो कॉल आया। कॉल करने वाली ने खुद को “इंडिया निवेश इन्वेस्टमेंट ग्रुप” की मैनेजर बताते हुए अपना नाम वान्या गिल बताया। उसने दावा किया कि स्टॉक मार्केट विशेषज्ञ ‘प्रोफेसर मलय समीर’ की रिसर्च पर आधारित टिप्स वह निवेशकों को उपलब्ध कराती है।

 

चूंकि पीड़ित पहले से इस कंपनी का नाम जानते थे, इसलिए वह वान्या की बातों में आ गए। वान्या गिल ही अलग-अलग नंबरों से उस व्हाट्सऐप ग्रुप की एडमिन भी थी, जिस बात की पुष्टि पीड़ित ने स्क्रीनशॉट के जरिए की है।

 

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित का आधार और पैन कार्ड लेकर एक कथित डिमैट अकाउंट खोला और उन्हें विभिन्न बैंक खातों में निवेश करने को कहा। शुरुआत में 20 हजार रुपये जमा कराने पर पीड़ित ने जब 20 हजार रुपये विदड्रा करने की कोशिश की तो रकम आसानी से वापस मिल गई। यह देखकर पीड़ित का विश्वास और बढ़ गया।

 

इसके बाद 5 नवंबर 2025 से 26 नवंबर 2025 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग खाते में कुल 8 ट्रांजैक्शन के जरिए 64.72 लाख रुपये भेज दिए। इनमें बाबुलु कुमार रे, एसआर एंटरप्राइजेज, दीक्षित वर्मा, गोल्डन लेजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस, विनोद एंटरप्राइजेज और महमूद हसन के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई।

 

जब पीड़ित ने प्लेटफॉर्म पर दिख रहे मुनाफे को निकालने की कोशिश की तो विदड्रॉल फेल होने लगा। इसके बाद वान्या गिल ने कॉल उठाना बंद कर दिया और पीड़ित को ब्लॉक कर दिया। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

 

पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में विस्तृत तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विभिन्न बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है।

 

साइबर पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति निवेश से जुड़े किसी व्हाट्सऐप ग्रुप, लिंक या अजनबी कॉल पर भरोसा न करे और लेनदेन से पहले प्लेटफॉर्म की सत्यता अवश्य जांचें।

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