February 16, 2026

खटीमा में हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़, महिला समेत तीन गिरफ्तार; आपत्तिजनक वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेलिंग..

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उधम सिंह नगर जनपद के सीमांत खटीमा क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करता था। खटीमा कोतवाली पुलिस ने इस गिरोह की एक महिला समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

23 मई 2025 को एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस से शिकायत की थी कि एक महिला ने बहला-फुसलाकर उसे अज्ञात स्थान पर बुलाया और वहां उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया गया। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे डेढ़ लाख रुपए और कीमती सामान वसूले गए, शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज कर जांच शुरू की और मोबाइल नंबरों की जांच के साथ-साथ इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले।

जांच के आधार पर 1 जून को पुलिस ने नानकमत्ता के गला बाग मच्छी झाला इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया –

राजेंद्र सिंह उर्फ राजू लंगड़ा (निवासी भड़ा भुडिया, थाना खटीमा)

गुरदयाल सिंह उर्फ बग्गी (निवासी बिडोरा मझोला, थाना नानकमत्ता)

सीमा कौर (पत्नी राजू लंगड़ा, निवासी भड़ा भुडिया, थाना खटीमा)

इनके पास से पुलिस ने स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और ₹1300 नकद बरामद किए हैं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान गैंग के तीन अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गैंग का सरगना और मास्टरमाइंड फिलहाल फरार है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों पर पहले से ही आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, अनैतिक देह व्यापार जैसी धाराओं में केस दर्ज हैं। मोबाइल में मिले कई अन्य लोगों के आपत्तिजनक वीडियो की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पहले भी चार अन्य लोगों को ब्लैकमेल कर चुका है। गिरोह की महिलाएं पहले फोन कॉल या सोशल मीडिया के जरिए टारगेट को फंसाती थीं, फिर उन्हें सुनसान जगह बुलाकर वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर पैसे ऐंठती थीं।

इस सफलता में खटीमा कोतवाल इंस्पेक्टर मनोहर सिंह दसौनी, निरीक्षक विनोद जोशी, उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह रंसवाल, किशोर पंत, कांस्टेबल नवीन खोलिया, कमल पाल, और महिला कांस्टेबल सुनीता रावत शामिल रहे।

 

खटीमा पुलिस की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई से एक संगठित ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश हुआ है। लेकिन पुलिस की अपील है कि यदि आप भी कभी इस तरह की घटना के शिकार हों, तो बिना डर के पुलिस को सूचना दें – आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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